ईस्ट जोन ने आखिरकार 13 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए दिलीप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। लगातार 12 सेशन तक मुकाबले में दबदबा बनाए रखने वाली ईस्ट जोन की टीम ने फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी की विशाल बढ़त के दम पर खिताब पर कब्जा किया। पांचवें और आखिरी दिन मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली 372 रन की बढ़त ने ईस्ट जोन की जीत पहले ही तय कर दी थी। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में साउथ जोन की टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। इसके बाद ईस्ट ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 388 रन बनाकर पारी घोषित नहीं की और कुल बढ़त 760 रन तक पहुंचा दी। दोपहर करीब 2:10 बजे दोनों टीमों ने मैच ड्रॉ करने पर सहमति जताई।
ईस्ट जोन की दूसरी पारी में मोहम्मद कौनीयन कुरैशी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 116 रन बनाए। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का पहला शतक था। उन्होंने अनुकूल रॉय के साथ सातवें विकेट के लिए 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ईस्ट की जीत में कप्तान ईशान किशन का प्रदर्शन भी बेहद खास रहा। उन्होंने पहली पारी में 270 रन की शानदार पारी खेली और रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी मजबूत वापसी का संकेत दिया। वहीं अनुभवी मोहम्मद शमी ने अपने 100वें फर्स्ट क्लास मैच में प्रभावी प्रदर्शन किया। कुमार कुशाग्र ने भी शतक जड़ा, जबकि शिखर मोहन ने उपयोगी अर्धशतक लगाया। किशन की कप्तानी और रणनीति भी चर्चा में रही। उनका फोकस पहली पारी में बढ़त हासिल कर साउथ को दबाव में डालने पर था। आखिरकार उनकी रणनीति सफल रही और ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दिलीप ट्रॉफी की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।


