चंडीगढ़ में कैब चालकों का लंबे समय से चला आ रहा किराया विवाद एक बार फिर चर्चा में है। ट्राइसिटी कैब ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने घोषणा की है कि राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) द्वारा जारी संशोधित किराया अधिसूचना को लागू न किए जाने के विरोध में 16 जून को सेक्टर-18 स्थित STA कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
एसोसिएशन के अनुसार, 7 जुलाई 2025 को जारी की गई संशोधित किराया अधिसूचना करीब 25 दिनों तक चले आंदोलन और लगातार मांगों के बाद लागू की गई थी। हालांकि, अधिसूचना जारी होने के लगभग एक वर्ष बाद भी इसका लाभ कैब चालकों तक नहीं पहुंच सका है। संगठन का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर कई बैठकों और आश्वासनों के बावजूद किराया व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह पुंडीर ने कहा कि बीते एक वर्ष में STA और प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों-ओला, उबर, रैपिडो और इनड्राइव-के बीच कई दौर की वार्ता हुई। हर बैठक में कंपनियों ने संशोधित किराया लागू करने का भरोसा दिया, लेकिन वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान ईंधन, वाहन रखरखाव, बीमा, स्पेयर पार्ट्स, परमिट शुल्क, बैंक ईएमआई और घरेलू खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि ड्राइवरों की आमदनी लगभग स्थिर बनी हुई है। इससे हजारों चालक और उनके परिवार आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचनाएं प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पातीं, तो उनकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। संगठन ने दावा किया है कि प्रदर्शन में चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों से 1,000 से अधिक कैब चालक भाग लेंगे। प्रदर्शन का उद्देश्य संशोधित किराया अधिसूचना को लागू करवाना और चालकों के लिए न्यायसंगत कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना है।









