Punjab

मोहाली जमीन सौदे में अनियमितताओं का आरोप, ED ने गमाडा अधिकारियों के खिलाफ FIR के लिए पंजाब पुलिस को लिखा पत्र

मोहाली में जमीन आवंटन से जुड़े कथित घोटाले और बिल्डर को करीब 57 करोड़ रुपये की देनदारी में राहत देने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने गमाडा (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) के वरिष्ठ अधिकारियों और दिल्ली की कंपनी रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पंजाब पुलिस से संपर्क किया है।

यह मामला सेक्टर-62 स्थित 1.13 एकड़ की फूड कोर्ट साइट से संबंधित है। सूत्रों के अनुसार, ईडी की कार्रवाई गमाडा के मुख्य अभियंता अजय गर्ग के बयान और जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। एजेंसी ने अगस्त में अजय गर्ग, पूर्व मुख्य अभियंता सुनील कंसल और तत्कालीन एस्टेट अधिकारी हरदीप सिंह से पूछताछ की थी। इस दौरान अधिकारियों से जमीन सौदे और बकाया राशि में दी गई छूट से जुड़े रिकॉर्ड मांगे गए थे।

उक्त साइट की सितंबर 2015 में 32.50 करोड़ रुपये में नीलामी हुई थी। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि कंपनी को बकाया राशि में राहत देने का निर्णय किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत लिया गया। यह छूट मुख्य सचिव-कम-चेयरमैन केएपी सिन्हा की अध्यक्षता में हुई गमाडा की बैठक में मंजूर की गई थी। ईडी इस मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, 22 से 24 सितंबर के बीच गमाडा कार्यालय में करीब 50 घंटे तक चली तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों को भी जांच में शामिल किया गया है।

ईडी के पत्र के बाद आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने बिल्डर को दी गई 40 करोड़ रुपये की छूट वापस ले ली। पांच फरवरी, 2026 को पारित आदेश को रद करते हुए कंपनी की पुनरीक्षण याचिका भी खारिज कर दी गई। इस मामले में पिछले सप्ताह ईडी ने तिरुपति इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर जगमोहन गर्ग को गिरफ्तार किया था। रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स इस समूह से जुड़ी कंपनी है। गिरफ्तारी के बाद गर्ग को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।