परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के 11 दिन बाद भी इंसाफ की मांग को लेकर गतिरोध बना हुआ है। शुक्रवार को इंसाफ कमेटी और विशेष जांच टीम (SIT) के बीच हुई तीसरी बैठक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। शनिवार को झोटा के पिता ने सरकार से मानसा के एसएसपी वैभव शर्मा को पद से हटाने की मांग की। वहीं, मामले में मानसा के एक मेडिकल गोदाम पर सीबीआई की छापेमारी से हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अश्वनी ने पूछताछ के दौरान मानसा मेडिकल हॉल नामक दुकान में कुछ दवाएं रखे होने की जानकारी दी थी। इसके बाद सीबीआई की टीम शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि मानसा पहुंची। टीम ने दुकान की जांच की और कुछ दवाएं लेने के बाद श्मशान घाट रोड स्थित मेडिकल हॉल के गोदाम में तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान निलंबित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार भी टीम के साथ मौजूद था। बताया जा रहा है कि मोहाली की जिस फैक्टरी से अश्वनी नशे के कैप्सूल लाता था, उसका संबंध भी मानसा मेडिकल हॉल से जुड़ रहा है।
दूसरी ओर, इंसाफ कमेटी ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की मांग दोहराई। एसआईटी ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया, जिसके बाद कमेटी ने संबंधित मांगों पर फैसला लेने में सक्षम समिति भेजने की मांग की। एसआईटी ने कमेटी की 12 अन्य मांगें मानने का भरोसा दिया, लेकिन इस्तीफों पर सहमति नहीं बनी। कमेटी ने 25 अक्टूबर को राज्यभर में झाड़ू फूंक प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। साथ ही ख्याला में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का नाम परविंदर झोटा के नाम पर रखने की मांग की है।
एसआईटी प्रमुख अपनीत रियात के अनुसार, सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई है। बिना डॉक्टर की पर्ची प्रीगाबालीन की बिक्री पर रोक लगाने और परिवार की सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों पर भी कदम उठाए जा रहे हैं। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे को परिवार की प्रमुख मांग बताया। शुक्रवार को अभिनेता सोनू सूद और मालविका सूद ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।


