एशियन गेम्स 2026 का शानदार सफर 4 अक्टूबर को जापान के आईची-नागोया में आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। नागोया सिटी के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित भव्य क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ओर से निशानेबाज नीरू ढांडा ने ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। उन्होंने गर्व के साथ तिरंगा थामकर भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया। समापन समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न देशों के एथलीटों ने परेड में हिस्सा लिया। भारत की ध्वजवाहक रहीं नीरू ढांडा के लिए यह एशियन गेम्स बेहद यादगार रहा। उन्होंने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड और एक सिल्वर सहित कुल तीन पदक अपने नाम किए।
क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान एशियन गेम्स की मेजबानी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) का झंडा अगले मेजबान देश को सौंपा गया। अब 2030 में एशियन गेम्स का आयोजन कतर की राजधानी दोहा में होगा। दोहा दूसरी बार इन खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2006 में भी कतर में एशियन गेम्स आयोजित किए गए थे।
आईची-नागोया एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी शानदार रहा। भारत ने कुल 85 पदक जीते, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल रहे। 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। उज्बेकिस्तान ने भी 21 गोल्ड जीते, लेकिन कुल पदकों की संख्या में भारत उससे आगे रहा।
पदक तालिका में चीन सबसे ऊपर रहा। चीन ने 169 गोल्ड सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 गोल्ड के साथ 269 पदक लेकर दूसरे और दक्षिण कोरिया 39 गोल्ड सहित 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। कुल मिलाकर, आईची-नागोया एशियन गेम्स भारत के लिए बेहद सफल और यादगार साबित हुए। 85 पदकों के साथ भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन किया और आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए नई उम्मीदें जगाईं।


