केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली एलएनजी आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर साबरमती रेलवे डिवीजन से जुड़ी 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और शुभारंभ भी किया गया। इन योजनाओं में रेलवे सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिक तकनीक पर खास जोर दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव रखरखाव शेड का भी उल्लेख किया गया। यह शेड 300 उच्च क्षमता वाले डब्ल्यूएजी-12 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए बनाया गया है। करीब 12,000 हॉर्स पावर क्षमता वाले ये इंजन भारी और लंबी मालगाड़ियों के संचालन के लिए उपयोग किए जाते हैं।
रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहमदाबाद-पालनपुर और अहमदाबाद-सामाखियाली रेलखंड के करीब 404 किलोमीटर हिस्से में कवच प्रणाली लगाने की योजना है। इस परियोजना पर लगभग 411 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा 122.57 किलोमीटर रेलखंड पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू की गई है, जिससे ट्रेनों के संचालन की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी। साबरमती-सरखेज के बीच 21 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना भी शुरू की गई है। करीब 313.27 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में शुरू की गई एलएनजी आधारित ट्रेन में डीजल और एलएनजी दोनों ईंधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी दो ड्राइविंग पावर कारों में 1,400 हॉर्स पावर की प्रणाली लगाई गई है, जिसमें एलएनजी डीजल की खपत को करीब 40 प्रतिशत तक कम कर सकती है। अमित शाह ने रेलवे में वैकल्पिक ईंधन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भविष्य की जरूरत बताते हुए बुनियादी ढांचे और सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया।


