National

स्कूलों के आसपास जंक फूड पर लग सकती है रोक!, 50 मीटर दायरे में बिक्री पर प्रस्ताव

बच्चों के बीच लोकप्रिय चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, बर्गर, समोसे और चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों की स्कूलों के आसपास बिक्री पर रोक लग सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट यानी HFSS खाद्य पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित नियम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही अत्यधिक नमक, चीनी और वसा वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखना और स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना है। इसके दायरे में चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय, चॉकलेट, बर्गर, पिज्जा, नूडल्स और ऐसे अन्य उत्पाद आ सकते हैं, जो HFSS श्रेणी में आते हैं।

नियम लागू होने की स्थिति में स्कूलों के आसपास मौजूद दुकानों, ठेलों और अन्य खाद्य विक्रेताओं को ऐसे उत्पादों की बिक्री सीमित करनी पड़ सकती है। हालांकि, HFSS श्रेणी में नहीं आने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री जारी रह सकती है। इसका मकसद बच्चों के लिए स्कूलों के आसपास बेहतर और पौष्टिक विकल्प उपलब्ध कराना है। बच्चों में बढ़ते मोटापे और अधिक वजन की समस्या के बीच सरकार इस दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रही है। विश्व मोटापा महासंघ के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 5 से 19 वर्ष की उम्र के अधिक वजन या मोटापे से प्रभावित बच्चों की संख्या 2015 में करीब 2.8 करोड़ से बढ़कर 2025 में लगभग 4.1 करोड़ हो गई। प्रस्तावित नियमों का असर स्कूलों के आसपास कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों, रेस्तरां और ठेले वालों पर भी पड़ सकता है। FSSAI का मानना है कि ऐसे कदम बच्चों के लिए स्वस्थ खाद्य वातावरण बनाने के साथ खाद्य कंपनियों को भी अपने उत्पादों में नमक, चीनी और वसा की मात्रा पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।