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मानव तस्करी पर गृह मंत्रालय सख्त, किंगपिन और फाइनेंसर्स की संपत्ति जब्ती के निर्देश

मानव तस्करी के बदलते स्वरूप और संगठित नेटवर्क के खिलाफ केंद्र सरकार ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को विस्तृत परामर्श जारी कर तस्करी के नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ताओं, किंगपिन और फाइनेंसर्स पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही अवैध गतिविधियों से जुड़ी संपत्तियों को कानून के तहत जब्त करने पर जोर दिया गया है।

मंत्रालय ने नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। संगठित अपराध से जुड़े मामलों में BNS की धारा 111 के तहत कार्रवाई करते हुए तस्करी के संचालकों और उनके वित्तीय मददगारों तक पहुंचने पर जोर दिया गया है।

जांच के दौरान एन्क्रिप्टेड चैट, मोबाइल डेटा, जियो-लोकेशन और वित्तीय लेन-देन जैसे डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और अदालत में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। तलाशी और जब्ती की वीडियो रिकॉर्डिंग तथा फोरेंसिक जांच को भी मजबूत करने को कहा गया है।

गृह मंत्रालय ने Anti-Human Trafficking Units को पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित अधिकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। साथ ही फर्जी नौकरी के विज्ञापनों, अवैध भर्ती एजेंसियों और विदेश में रोजगार के नाम पर लोगों को ठगने वाले नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा है कि मानव तस्करी को केवल यौन शोषण तक सीमित न मानकर ईंट-भट्ठों, खदानों, उद्योगों और अन्य क्षेत्रों में होने वाले श्रम शोषण के मामलों पर भी कार्रवाई की जाए। तस्करी की रोकथाम के साथ पीड़ितों के पुनर्वास और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है।