छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार कफ सिरप की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत कफ सिरप की बोतलों पर लाल रंग में स्पष्ट चेतावनी छापना अनिवार्य किया जा सकता है। इसमें साफ लिखा होगा कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा न दी जाए।
केंद्रीय दवा नियामक की ओर से लेबलिंग नियमों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अनुसार, कफ सिरप की बोतल के लेबल के करीब 65 प्रतिशत हिस्से में लाल रंग की प्रमुख चेतावनी प्रदर्शित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, अभिभावकों को आसानी से समझाने के लिए लेबल पर स्कूल जाने की उम्र के बच्चों की तस्वीर लगाने का भी सुझाव दिया गया है। इन बदलावों को लागू करने के लिए ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियम 96 में संशोधन करना होगा। फिलहाल प्रस्ताव को ‘ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी’ के विचार के लिए रखा गया है।
यह कदम छोटे बच्चों को सर्दी-खांसी की दवाएं दिए जाने से जुड़ी चिंताओं के बीच उठाया जा रहा है। अक्टूबर 2025 में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने 2 साल से कम उम्र के बच्चों को ऐसी दवाएं न लिखने के निर्देश जारी किए थे। नए लेबलिंग नियमों का उद्देश्य दवा के इस्तेमाल को लेकर अभिभावकों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच स्पष्टता बढ़ाना और कम उम्र के बच्चों को संभावित जोखिम से बचाना है।


