OTT प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक और अनुचित सामग्री को लेकर सरकार से सख्त कदम उठाने की सिफारिश की गई है। गृह मामलों से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने अपनी 259वीं रिपोर्ट में सरकार से ऐसा व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करने को कहा है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की निगरानी और शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था मजबूत हो सके।
समिति ने खास तौर पर बच्चों को अनुचित सामग्री से बचाने के लिए तकनीक आधारित उम्र सत्यापन प्रणाली, प्रभावी पैरेंटल कंट्रोल और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माने जैसे प्रावधान लागू करने की सलाह दी है। हालांकि, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित व्यवस्था बनाते समय नागरिकों के अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का भी ध्यान रखा जाएगा।
समिति ने अपनी पिछली 254वीं रिपोर्ट में भी ओटीटी क्षेत्र में स्वतंत्र पोस्ट-रिलीज रिव्यू पैनल बनाने की सिफारिश की थी। इस पैनल में बाल विकास, शिक्षा, कानून, सामाजिक विज्ञान और नागरिक समाज से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
समिति के मुताबिक, OTT की बढ़ती पहुंच और नाबालिग दर्शकों की बड़ी संख्या को देखते हुए मौजूदा सेल्फ-क्लासिफिकेशन व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। शिकायतों के आधार पर संदिग्ध या चर्चित कंटेंट की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई है।


