Haryana

हरियाणा में बदलेगी 11 साल पुरानी खेल नीति, योगासन को मिलेगी खेल विधा की मान्यता; खिलाड़ियों के लिए बड़े बदलाव

हरियाणा सरकार अपनी 11 साल पुरानी खेल नीति को नए स्वरूप में लाने की तैयारी में है। 2015 की संशोधित खेल नीति में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य केवल पुरस्कार राशि बढ़ाना नहीं बल्कि बचपन से खिलाड़ियों को तैयार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। नई नीति में खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण, ग्रेडेशन और सरकारी नौकरियों से जुड़े नियमों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा। नई खेल नीति का सबसे बड़ा बदलाव योग की जगह योगासन को खेल विधा के रूप में शामिल करना है। इससे योगासन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी अन्य खेलों की तरह सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही सरकार विश्वविद्यालयों के स्पोर्ट्स विभाग का नाम बदलकर स्पोर्ट्स एवं योगासन विभाग करने और योगासन प्रशिक्षकों के रिक्त पद भरने की तैयारी में है। सरकार ग्रेडेशन नीति में भी बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब केवल मान्यता प्राप्त और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर ग्रेडेशन मिलेगा। वहीं सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों की पात्रता और चयन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बनाया जाएगा। डोपिंग के मामलों में सख्ती बढ़ेगी और पैरा खिलाड़ियों को मुख्यधारा के खिलाड़ियों के समान अवसर देने का प्रावधान भी किया जाएगा।

नई नीति का फोकस ‘इनाम नहीं, निवेश’ की सोच पर आधारित है। सरकार 8 से 10 वर्ष की उम्र में ही प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक और आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी, ताकि भविष्य के ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। इसके लिए खेल नर्सरी, उत्कृष्टता केंद्र और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली को भी और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा खिलाड़ियों की प्रोफाइल, प्रशिक्षण, प्रदर्शन और उपलब्धियों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड ‘खेलो हरियाणा’ ऐप पर उपलब्ध रहेगा, जिससे प्रतिभाओं की निगरानी और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि नई खेल नीति खिलाड़ियों के हितों को मजबूत करने के साथ-साथ हरियाणा को खेलों में और अधिक सशक्त बनाएगी।