केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा में हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका एक खास पारिवारिक रिश्ता हिमाचल प्रदेश से भी जुड़ा हुआ है। उनका ससुराल मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल के कोठुआ (कोठुवां) गांव में स्थित है, जिससे उनका वर्षों पुराना पारिवारिक संबंध बना हुआ है।
धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी मृदुला ठाकुर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं। छात्र जीवन के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सक्रिय कार्यकर्ता रहीं। इसी दौरान एक राष्ट्रीय छात्र अधिवेशन में उनकी मुलाकात धर्मेंद्र प्रधान से हुई। संगठनात्मक कार्यक्रमों में साथ काम करते हुए दोनों के बीच मित्रता बढ़ी, जो समय के साथ एक मजबूत रिश्ते में बदल गई। आखिरकार दोनों ने वर्ष 1998 में विवाह कर जीवनसाथी बनने का फैसला किया।
मृदुला ठाकुर के पिता भगत राम ठाकुर और माता रामप्यारी ठाकुर शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए। उनका परिवार मंडी जिले के कोठुआ गांव का निवासी है। परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं, जिनमें अधिकांश सदस्य शिक्षा और अन्य पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े रहे हैं। केंद्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण धर्मेंद्र प्रधान का हिमाचल आना-जाना अब पहले की तुलना में कम हो गया है, लेकिन उनका पारिवारिक जुड़ाव आज भी प्रदेश से कायम है।
26 जून 1969 को ओडिशा में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री भी रहे। वर्तमान में वह भारत सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
उनके परिवार में पत्नी मृदुला ठाकुर के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी बेटी नैमिषा प्रधान ने अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की है और वहीं अपने पेशेवर करियर में कार्यरत हैं। ओडिशा और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला यह पारिवारिक रिश्ता आज भी लोगों के बीच चर्चा और दिलचस्पी का विषय बना हुआ है।


