मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर विरोध खुलकर सामने आ गया। पूर्व गृह मंत्री और दतिया से कई बार विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने शुक्रवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई।
पुलिस के अनुसार शाम से शुरू हुए प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल थे। प्रशासन ने कई बार प्रदर्शनकारियों से हाईवे खाली करने की अपील की, लेकिन उन्होंने रास्ता नहीं खोला। इससे राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। हालात तब बिगड़ गए जब पुलिस ने सड़क खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किया गया, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय थे और उन्हें टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। उम्मीदवार बदलने के फैसले से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। कुछ स्थानीय पदाधिकारियों ने विरोधस्वरूप अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया है। वहीं जिला भाजपा के कुछ नेताओं ने पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके वरिष्ठ नेता और मार्गदर्शक हैं तथा उन्हें विश्वास है कि पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। उल्लेखनीय है कि दतिया सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी।


