मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के चर्चित अपहरण और हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नाभा ओपन खेतीबाड़ी जेल प्रशासन ने उनके संबंध में पंजाब पुलिस से संपर्क किया है, जिसके बाद पुलिस ने उनका वर्तमान ठिकाना पता लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। जेल प्रशासन के अनुसार, यह कदम नियमित सत्यापन प्रक्रिया के तहत उठाया गया है। जसपाल सिंह को मई 2023 में एक लाख रुपये के निजी मुचलके और बांड पर जमानत मिली थी। अब उनकी वर्तमान स्थिति और पते की पुष्टि के लिए संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
यह मामला वर्ष 1995 का है, जब मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का अमृतसर से कथित रूप से अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने देशभर में व्यापक चर्चा बटोरी थी। लंबे समय तक चली जांच और सुनवाई के बाद वर्ष 2005 में पटियाला स्थित सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाते हुए तत्कालीन डीएसपी जसपाल सिंह और एएसआई अमरजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
इसी मामले में तत्कालीन एसएचओ सुरिंदरपाल सिंह, जसबीर सिंह, सतनाम सिंह और हेड कांस्टेबल प्रिथीपाल सिंह को सात-सात वर्ष की सजा दी गई थी। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जसपाल सिंह की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई, जबकि एएसआई अमरजीत सिंह को बरी कर दिया गया। वहीं, अन्य चार दोषियों की सात वर्ष की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में बदल दी गई। हाल के दिनों में इस मामले पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर उठे विवाद के कारण यह केस एक बार फिर सुर्खियों में है। इसी बीच पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह के संबंध में शुरू हुई पुलिस कार्रवाई ने इस मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


