अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अंडर-सेक्रेटरी-जनरल टॉम फ्लेचर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की अपील करते हुए कहा है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए तेज़ और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। इबोला का सबसे बड़ा केंद्र इतुरी प्रांत बना हुआ है, लेकिन संक्रमण अब अन्य क्षेत्रों तक भी फैल रहा है।
ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, डीआरसी में अब तक 1,792 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 625 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 764 मरीज अभी भी अस्पताल या आइसोलेशन में भर्ती हैं और 295 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस प्रकोप की मृत्यु दर लगभग 34.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। उधर, पड़ोसी युगांडा में भी 20 मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यह केवल स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि मानवीय संकट भी है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही भुखमरी, विस्थापन और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी गंभीर समस्याएं मौजूद हैं। यूएन ने सभी देशों और सहायता एजेंसियों से राहत सामग्री, स्वास्थ्य कर्मियों और आवश्यक संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा वित्तीय सहायता में तेजी लाने की अपील की है।


