इंग्लैंड ने ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस हार के साथ भारतीय टीम 12 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ कोई द्विपक्षीय टी20 सीरीज हार गई। इससे पहले भारत को 2014 में इंग्लैंड के हाथों टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन ही बना सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और पांच छक्के शामिल रहे। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। वैभव सूर्यवंशी 15, अभिषेक शर्मा 16, ईशान किशन 4, तिलक वर्मा 11, शिवम दुबे 22 और वॉशिंगटन सुंदर 5 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे भारत बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका।
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। फिल सॉल्ट ने नाबाद 59 रन बनाए, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में नाबाद 79 रन की विस्फोटक पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और टीम ने महज 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड का एकमात्र विकेट जोस बटलर के रूप में गिरा, जिन्होंने 8 रन बनाए।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज अपने नाम कर ली और भारतीय टीम के खिलाफ एक नया इतिहास भी रच दिया। यह पहली बार है जब इंग्लैंड ने दो या उससे अधिक मैचों की किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में भारत को हराया है। वहीं, भारत को लगातार दूसरी टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम के प्रदर्शन और रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।


