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राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT का बड़ा खुलासा, CCTV में कैश हेराफेरी के कई मामले आए सामने

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दान की गिनती करने वाले कुछ कर्मचारियों पर नकदी की हेराफेरी के आरोप लगे हैं। जांच में पाया गया कि काउंटिंग रूम में कार्यरत कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां और नकदी अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाकर बाहर ले जाते थे। यह पूरी गतिविधि सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।

रिपोर्ट सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में पेश की गई। SIT ने छह कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे और रामाशंकर मिश्रा शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।

SIT के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें कर्मचारियों को कथित रूप से नकदी छिपाते देखा गया। जांच एजेंसी का मानना है कि चोरी का दायरा इससे भी बड़ा हो सकता है, क्योंकि इससे पहले की रिकॉर्डिंग सीमित स्टोरेज के कारण उपलब्ध नहीं है।

जांच में आरोपियों की आय और उनके बैंक खातों में जमा रकम के बीच भी बड़ा अंतर पाया गया। कम वेतन के बावजूद उनके खातों में बड़ी राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय लेनदेन के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का कई स्तरों पर पालन नहीं किया गया। तलाशी, बायोमेट्रिक उपस्थिति, बिना जेब वाली यूनिफॉर्म और सीसीटीवी निगरानी जैसे सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी ने कथित हेराफेरी को आसान बना दिया।