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राम मंदिर दान विवाद: SIT की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें, CM योगी बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम शनिवार को लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है। SIT को सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। जांच के दौरान टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, दान की गिनती से जुड़े कर्मचारियों और संबंधित बैंक अधिकारियों से पूछताछ की है। साथ ही वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक बिना तथ्यों के बयानबाजी से बचें। उनका कहना है कि सच सामने आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे जांच टीम को उपलब्ध कराना चाहिए। 14 जून को गठित तीन सदस्यीय SIT में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। टीम को जल्द प्रारंभिक और अंतिम रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस बीच समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मंदिर चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी ने बिना सबूत आरोप लगाने वालों पर अयोध्या और राम मंदिर की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। अब सभी की नजर SIT की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।