भारत की टेक्सटाइल राजधानी के रूप में पहचान रखने वाला सूरत शहर अब एक और नई उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। राज्य सरकार ने यहां देश के पहले विशेष टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह थाना खास तौर पर कपड़ा उद्योग से जुड़े अपराधों, धोखाधड़ी और व्यापारिक विवादों की जांच के लिए बनाया जाएगा।
सूरत का टेक्सटाइल कारोबार देश और विदेश तक फैला हुआ है, जहां प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार होता है। ऐसे में व्यापारियों को लंबे समय से एक ऐसे विशेष पुलिस स्टेशन की जरूरत महसूस हो रही थी, जो कपड़ा उद्योग से जुड़े मामलों पर केंद्रित होकर काम कर सके। व्यापारिक संगठनों ने पिछले कई वर्षों से इस मांग को सरकार के सामने रखा था।
नई व्यवस्था के तहत सलाबतपुरा, महिधरपुरा, वराछा, पूणा, सारोली, गोडादरा और उधना क्षेत्र में कपड़ा कारोबार से संबंधित सभी शिकायतें इसी विशेष थाने में दर्ज की जाएंगी। इससे विभिन्न थानों में बिखरे मामलों का रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध रहेगा और जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।
वर्तमान में कपड़ा व्यापार से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों की शिकायतें अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज होती हैं, जिसके कारण एक ही आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा रिकॉर्ड जुटाने में समय लगता है। टेक्सटाइल पुलिस स्टेशन के शुरू होने से शिकायतों का केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार होगा, जिससे अपराधियों की पहचान और निगरानी आसान होगी।
व्यापारियों का मानना है कि इस पहल से धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई हो सकेगी, अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और कारोबारियों का समय व संसाधन दोनों बचेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम सूरत के विशाल टेक्सटाइल उद्योग को अधिक सुरक्षित, संगठित और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।









