करीब 12 साल बाद हरियाणा कांग्रेस ने ब्लॉक स्तर पर संगठन को फिर से सक्रिय करते हुए 19 जिलों के 103 ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह द्वारा जारी इस सूची को लंबे समय से रुके संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इस लिस्ट में एक महत्वपूर्ण कमी यह रही कि किसी भी ब्लॉक में महिला को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसके अलावा सिरसा, झज्जर, फरीदाबाद और हांसी जिलों की सूचियां अभी भी लंबित हैं, जिन्हें बाद में जारी किए जाने की संभावना है।
पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद अपनी सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया था, जिसके बाद से कांग्रेस ने कई चुनाव बिना मजबूत संगठन के लड़े। इस दौरान प्रदेश अध्यक्षों में बदलाव भी हुए, लेकिन जमीनी स्तर पर ब्लॉक और जिला इकाइयों का गठन नहीं हो सका था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने दावा किया कि यह सूची जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां पूरी तरह से काम के आधार पर की गई हैं और किसी गुटबाजी को ध्यान में नहीं रखा गया है।
जानकारी के अनुसार, करनाल जिले में सबसे अधिक 10 ब्लॉक अध्यक्ष बनाए गए हैं, जबकि महेंद्रगढ़ और कुरुक्षेत्र में 8-8 नियुक्तियां की गई हैं। कई प्रमुख ब्लॉकों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल ही में शुरू हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के चलते कांग्रेस ने यह कदम तेजी से उठाया है, ताकि बूथ और वोटर स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, भाजपा पहले से ही मजबूत बूथ स्तर तक संगठन खड़ा कर चुकी है, जबकि कांग्रेस इसमें पिछड़ती नजर आई है। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को भी संगठन की कमजोरी से जोड़ा जा रहा है, जहां सभी 11 नगर निगमों में भाजपा ने जीत दर्ज की और कांग्रेस को एक भी मेयर सीट नहीं मिल सकी।









