शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने अदालत से जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी रिहाई को गुरु साहिब की कृपा, संगत की अरदासों और समर्थकों के विश्वास का परिणाम बताया। मजीठिया ने कहा कि कठिन समय में लोगों के समर्थन ने उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती प्रदान की।
उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत के फैसले ने एक बार फिर साबित किया है कि सत्य और न्याय अंततः विजयी होते हैं। उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी कृपा से उन्हें हर चुनौती का सामना करने की शक्ति मिली।
मजीठिया ने अपने समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं, मजीठा क्षेत्र की जनता और पंजाबवासियों का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिस तरह उनके लिए प्रार्थनाएं कीं और हर परिस्थिति में साथ दिया, वह उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वह आगे भी जनहित के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
अपने संदेश में मजीठिया ने राजनीतिक विरोधियों पर भी परोक्ष निशाना साधा। उनका कहना था कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित थी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया ने कई सवालों के जवाब दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और पंजाब तथा पंजाबियत के हितों के लिए उनकी आवाज पहले की तरह बुलंद रहेगी।
साथ ही उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की। संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी, बल्कि उन सभी लोगों की लड़ाई थी जो सच और न्याय में विश्वास रखते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी न्याय की जीत होती रहेगी।









