Punjab

पंजाब में सरकारी बस सेवाएं प्रभावित, कांट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

पंजाब में सरकारी बसों से यात्रा करने वाले लोगों को आज भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। यूनियन के आह्वान पर बुधवार दोपहर 12 बजे से कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए राज्यभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे बस सेवाएं बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि इस हड़ताल में करीब आठ हजार कर्मचारी शामिल हैं, जिसके कारण प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत सरकारी बस रूट बाधित हो गए हैं। इसका सीधा असर यात्रियों की दैनिक आवाजाही पर पड़ रहा है और उन्हें यात्रा से पहले बसों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से संवाद कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। यूनियन नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि परिवहन विभाग में निजीकरण की प्रक्रिया लगातार बढ़ रही है, जिससे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। इसके साथ ही प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर झूठे केस दर्ज करने और कार्रवाई करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में नए सरकारी बस बेड़े की पर्याप्त खरीद नहीं की गई, जिससे परिवहन व्यवस्था कमजोर हुई है। साथ ही लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी अनसुनी की जा रही है। इन्हीं कारणों से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 11 जून को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर बड़ा धरना दिया जाएगा। इस हड़ताल से सबसे अधिक असर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। अब सभी की नजर सरकार और यूनियन के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी है।