दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए संपत्ति को नियमित कराने की प्रक्रिया आसान और सस्ती करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री अधिकृत कॉलोनी आवास अधिकार योजना (PM-UDAY) के तहत आवासीय संपत्तियों के रेगुलराइजेशन शुल्क पर 75 फीसदी तक की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस विशेष छूट का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करना होगा। यदि केंद्र या दिल्ली सरकार योजना की समयसीमा आगे बढ़ाती है, तो छूट का लाभ बढ़ी हुई अवधि में भी जारी रहने की बात कही गई है। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
PM-UDAY योजना के दायरे में दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियां आती हैं। इनमें करीब 44.75 लाख लोग रहते हैं। अब तक लगभग 40 हजार संपत्तियों के लिए कन्वेंस डीड या ऑथराइजेशन स्लिप जारी की जा चुकी हैं। MCD ने रेगुलराइजेशन शुल्क की व्यवस्था को भी सरल किया है। निगम के मुताबिक अब केवल चार प्रमुख शुल्क लिए जाएंगे और उन पर भी 75 फीसदी की छूट लागू होगी। वहीं, 20 अगस्त 2026 से UBBL 2016 के तहत लगने वाले परमिट फीस, बेटरमेंट चार्ज, लेवी, अतिरिक्त लेवी, प्लिंथ फीस, प्री-ऑक्यूपेंसी चार्ज और अनधिकृत निर्माण से जुड़ी कई पेनाल्टी को समाप्त कर दिया गया है। लेबर सेस भी इस शुल्क में शामिल नहीं होगा। आवेदन प्रक्रिया को तेज करने के लिए MCD ने 27 जुलाई 2026 से स्व-मूल्यांकन व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत सूचीबद्ध विशेषज्ञों की मदद से संपत्ति का आकलन कराकर लोग जल्द रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। साथ ही, योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर, SMS और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।


