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NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में CBI का बड़ा एक्शन, अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लातूर के डॉक्टर डॉ. मनोज शिरुरे और पुणे स्थित एक मेडिकल अकादमी के फिजिक्स फैकल्टी तेजस हर्षदकुमार शाह शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 13 हो गई है।

CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉ. मनोज शिरुरे ने तीन छात्रों तक केमिस्ट्री का लीक पेपर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह पेपर आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से हासिल किए गए थे। बताया जा रहा है कि जिन छात्रों को पेपर उपलब्ध कराया गया, उनमें एक कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल है।

वहीं, दूसरे आरोपी तेजस शाह पर आरोप है कि उसने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से फिजिक्स के लीक प्रश्न प्राप्त किए थे। तेजस पुणे की डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। CBI का दावा है कि पेपर लीक नेटवर्क में कई शिक्षकों और एजेंटों की भूमिका सामने आ रही है।

इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा हवलदार को 6 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मनीषा ने फिजिक्स का पेपर लीक कर कई लोगों तक पहुंचाया था। CBI अब अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराकर नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।

इधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए NTA को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि एजेंसी ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी। इस बीच, रद्द की गई NEET-UG परीक्षा का री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 22 लाख छात्र शामिल होंगे।