भारत अपनी हवाई रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अत्याधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन ‘घातक’ विकसित कर रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत 67 यूनिट खरीद को मंजूरी मिल चुकी है, जो भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा करेगा। ‘घातक’ एक 13 टन वजनी स्टील्थ UCAV (Unmanned Combat Aerial Vehicle) होगा, जिसकी क्षमताएं किसी स्टील्थ फाइटर जेट से कम नहीं होंगी। यह ड्रोन न सिर्फ निगरानी (Surveillance) बल्कि दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला (Strike) करने में भी सक्षम होगा।
इस ड्रोन की खासियत इसका फ्लाइंग-विंग डिजाइन और उन्नत स्टील्थ तकनीक है, जो इसे दुश्मन के रडार से बचाकर मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में मदद करेगी। बिना पायलट के संचालन होने के कारण यह दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर हमला कर सकता है, जिससे सैनिकों की जान का जोखिम भी कम होगा। ‘घातक’ को खास तौर पर डीप स्ट्राइक ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया जा रहा है। यह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अहम सैन्य ठिकानों पर सटीक और प्रभावी हमले करने में सक्षम होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘घातक’ UCAV भविष्य के युद्धों में गेम-चेंजर साबित हो सकता है और भारत को आधुनिक हवाई युद्ध क्षमता में नई बढ़त दिला सकता है।









