Haryana

हरियाणा में ‘स्टिल्ट-प्लस-4’ निर्माण को मंजूरी की तैयारी, गुरुग्राम को रखा गया बाहर

हरियाणा सरकार राज्य के अधिकांश हिस्सों में स्टिल्ट-प्लस-4 (भूतल पार्किंग सहित चार मंजिला निर्माण) की अनुमति देने की तैयारी कर रही है। यह फैसला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की हालिया स्पष्टता के बाद सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि निर्माण पर लगी रोक केवल गुरुग्राम तक सीमित है। 27 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश शीले नागु और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि 2 अप्रैल का अंतरिम आदेश केवल गुरुग्राम की विशेष परिस्थितियों—इन्फ्रास्ट्रक्चर और अतिक्रमण रिपोर्ट—पर आधारित था। इसके बाद अन्य जिलों में हाई-डेंसिटी रेजिडेंशियल पॉलिसी लागू होने का रास्ता खुल गया है।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अंतिम निर्णय कोर्ट के प्रमाणित आदेश मिलने के बाद लिया जाएगा। प्रस्तावित 2024 बिल्डिंग कोड के तहत स्टिल्ट पार्किंग के ऊपर चार मंजिला निर्माण की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी जाएगी। इन शर्तों में 10 मीटर चौड़ी सड़क, पड़ोसियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और अन्य नियामक मानकों का पालन शामिल है। हालांकि यह नीति लंबे समय से कानूनी विवादों में रही है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि मौजूदा बुनियादी ढांचा बढ़ती आबादी का दबाव संभालने में सक्षम नहीं है। इसके बावजूद सरकार का इरादा है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद गुरुग्राम को छोड़कर अन्य शहरी क्षेत्रों और निजी कॉलोनियों में इस नीति को लागू किया जाए।