फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (अब इटरनल लिमिटेड) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ 71 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹174 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में मात्र ₹39 करोड़ था। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से भी काफी बेहतर रहा। कंपनी की इस मजबूत ग्रोथ के पीछे उसकी क्विक-कॉमर्स यूनिट ब्लिंकिट और फूड डिलीवरी बिजनेस का अहम योगदान रहा। ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जो 196 प्रतिशत बढ़कर ₹17,292 करोड़ हो गया। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹54,364 करोड़ दर्ज किया गया।
फूड डिलीवरी सेगमेंट में भी स्थिर वृद्धि देखने को मिली। इस कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़कर ₹3,125 करोड़ हो गया। वहीं प्लेटफॉर्म पर औसत मासिक सक्रिय ग्राहक संख्या बढ़कर 25.4 मिलियन पहुंच गई। कंपनी की क्विक-कॉमर्स शाखा ब्लिंकिट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जहां पिछले साल यह घाटे में थी, वहीं इस बार ₹37 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया गया। ब्लिंकिट का रेवेन्यू बढ़कर ₹13,232 करोड़ हो गया और इसके यूजर्स की संख्या दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई।
हालांकि, कंपनी के खर्चों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। चौथी तिमाही में कुल खर्च ₹17,406 करोड़ रहा। बावजूद इसके, मजबूत आय और बिजनेस ग्रोथ ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इन नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और कंपनी के शेयरों में गिरावट के बाद करीब 5.5 प्रतिशत तक की रिकवरी दर्ज की गई। कुल मिलाकर, जोमैटो ने इस तिमाही में बेहतर रणनीति, बढ़ते यूजर बेस और ब्लिंकिट की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी के दम पर मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पेश किया है।









