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टोल प्लाजा पर नया नियम लागू, नकद भुगतान बंद; बिना फास्टैग वालों के लिए यूपीआई महंगा विकल्प

राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए निर्देशों के अनुसार अब देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह नियम शुक्रवार से प्रभावी हो गया है, जिससे हाईवे पर डिजिटल भुगतान को पूरी तरह बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, टोल वसूली का मुख्य माध्यम अब भी फास्टैग ही रहेगा। सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य व्यवस्था के रूप में काम करता रहेगा और इससे टोल प्लाजा पर रुकने का समय काफी कम होगा। जिन वाहनों में वैध फास्टैग नहीं होगा, उनके लिए अब नकद भुगतान का विकल्प समाप्त कर दिया गया है।

ऐसे वाहन चालक अब केवल यूपीआई (Unified Payments Interface) के माध्यम से टोल शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। हालांकि, इस सुविधा के साथ एक अतिरिक्त बोझ भी जोड़ा गया है। नियमों के अनुसार, बिना फास्टैग वाले वाहनों से सामान्य टोल शुल्क का 1.25 गुना यानी 25 प्रतिशत अधिक राशि वसूली जाएगी। इसका उद्देश्य बिना फास्टैग के यात्रा करने वालों को डिजिटल व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी और यातायात का प्रवाह अधिक सुचारु होगा। डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

मंत्रालय का मानना है कि यह बदलाव देश में स्मार्ट और कैशलेस टोलिंग व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।