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इबोला को लेकर एक्शन में सरकार,एयरपोर्ट्स पर फिर लागू हुए कोविड जैसे सुरक्षा नियम

भारत सरकार ने इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों के लिए सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू कर दिए हैं। खासतौर पर अफ्रीका के उन देशों से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी जहां इबोला संक्रमण के मामले सामने आए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट अधिकारियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें कोविड काल जैसे कई प्रोटोकॉल दोबारा लागू किए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत प्रभावित देशों से भारत आने वाले सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को ‘सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म’ (SDF) भरना अनिवार्य होगा। एयरपोर्ट पहुंचने पर इन यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी ताकि संक्रमण के संभावित मामलों की तुरंत पहचान हो सके।

DGCA के निर्देशों के मुताबिक यदि किसी यात्री में बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, गले में खराश, त्वचा पर चकत्ते या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे विमान के पिछले हिस्से में बैठाया जाएगा। साथ ही ऐसे संदिग्ध यात्री के आगे और पीछे की तीन-तीन पंक्तियां खाली रखने की कोशिश की जाएगी, जिससे अन्य यात्रियों का संपर्क कम हो।

एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा, एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि यदि विमान में कोई संदिग्ध मामला हो तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल को पहले ही सूचना दें, ताकि विमान को अलग बे में ले जाकर स्वास्थ्य टीमों की निगरानी में जांच की जा सके। सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि भारत पहुंचने के बाद 21 दिनों के भीतर यदि कोई लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल और एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिस से संपर्क करें।