राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 को लागू कर दिया है। यह नया कानून देश के सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को एक स्पष्ट ढांचे में लाने का काम करेगा।
इस अधिनियम के दायरे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल शामिल हैं, जो अब तक अपने-अपने अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते थे।
नए प्रावधानों के अनुसार, महानिरीक्षक (IG) स्तर के 50 प्रतिशत पद और अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्तर के कम से कम 67 प्रतिशत पद भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। वहीं, विशेष महानिदेशक और महानिदेशक जैसे शीर्ष पदों पर नियुक्ति केवल प्रतिनियुक्ति के माध्यम से ही की जाएगी।
यह कानून उस पृष्ठभूमि में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार की एक याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें पुराने निर्णय की समीक्षा की मांग की गई थी। इससे पहले 2005 में सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिया था कि CAPF में वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड तक IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम किया जाए और छह महीने के भीतर कैडर समीक्षा की जाए। नया अधिनियम CAPF के ढांचे में संतुलन बनाने, प्रशासनिक स्पष्टता लाने और नेतृत्व के स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









