महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां बारामती उपचुनाव अब लगभग औपचारिकता बनकर रह गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार इस सीट से चुनाव मैदान में उतरी थीं, लेकिन अब उनके सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा है।
कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार आकाश मोरे का नाम वापस लेने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए उठाया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस नेतृत्व से इस विषय पर बातचीत की थी।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से कई स्तरों पर संपर्क किया गया। इसमें सुप्रिया सुले और रोहित पवार जैसे नेताओं की भी भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने स्वयं भी कांग्रेस नेताओं से संवाद किया।
बारामती लंबे समय से पवार परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है। यह सीट पहले शरद पवार के पास रही और बाद में अजित पवार ने इसे लगातार अपने कब्जे में रखा। कांग्रेस ने अपने फैसले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने उम्मीदवार केवल वैचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए उतारा था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्होंने पीछे हटना उचित समझा। अब 23 अप्रैल को होने वाला उपचुनाव औपचारिक रूप से सुनेत्रा पवार की जीत की घोषणा के साथ समाप्त होने की संभावना है।


