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LPG संकट के बीच सरकार ने तय की नई आपूर्ति शर्तें, राज्यों को मिलेगा रिफॉर्म-लिंक्ड कोटा

केंद्र सरकार ने देश में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। इस नए फॉर्मूले का उद्देश्य औद्योगिक सेक्टर को राहत देना और राज्यों में गैस वितरण की पारदर्शिता बढ़ाना है। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम के बाद लिया गया। सरकार ने फार्मा, स्टील, फूड प्रोसेसिंग और एग्रीकल्चर सहित कई महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बल्क LPG सप्लाई की नई शर्तें तय की हैं। पहले इन उद्योगों को उनकी औसत खपत का केवल 70% LPG उपलब्ध कराया जा रहा था, लेकिन अब इसे बदलकर प्रतिदिन 0.2 TMT (Thousand Metric Tonnes) निर्धारित किया गया है।

राज्यों के लिए भी नया ‘रिफॉर्म-लिंक्ड’ फॉर्मूला लागू किया गया है। राज्यों को पैक्ड नॉन-डोमेस्टिक LPG का 70% आवंटन पहले ही दिया गया है, जबकि शेष कोटा उनके प्रदर्शन और सुधारों के अनुपालन पर निर्भर करेगा। जो राज्य PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाएंगे और आवश्यक सुधार लागू करेंगे, उन्हें अतिरिक्त 10% गैस कोटा मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता उन कारखानों को दी जाएगी जहाँ LPG का कोई विकल्प नहीं है। इसके लिए उद्योगों को OMCs के साथ पंजीकरण कराना और PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। वहीं, जहाँ LPG उत्पादन प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है, वहाँ PNG आवेदन की शर्त लागू नहीं होगी।

राज्यों को इस संकट से निपटने के लिए तीन कदम उठाने को कहा गया है – ‘नैचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रिब्यूशन ऑर्डर 2026’ को सभी संबंधित विभागों तक पहुँचाना, सुधार लागू कर 10% रिफॉर्म-लिंक्ड एलपीजी आवंटन का लाभ उठाना, और CBG (कॉम्प्रैस्ड बायोगैस) से जुड़ी नीतियों को तुरंत नोटिफाई करना। इस नए फॉर्मूले से फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, पॉलीमर, पैकेजिंग, पेंट, स्टील, मेटल, ग्लास और केरेमिक उद्योगों की आपूर्ति प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ेगा, जबकि सरकार का उद्देश्य सीमित संसाधनों का सही और अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।