मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मंगलवार को हुए बम हमले के बाद हिंसा भड़क उठी, जिससे दो बच्चों की मौत हो गई और राज्य के कई जिलों में तनाव फैल गया। बम हमला उस समय हुआ जब परिवार सो रहा था। घटना के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पूर्वी और पश्चिमी जिलों में मुख्य सड़कों पर टायर जलाए और सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और गोलीबारी में दो अन्य लोग मारे गए। स्थिति को देखते हुए मणिपुर सरकार ने बिष्णुपुर, इंफाल पूर्वी, इंफाल पश्चिमी, थौबल और काकचिंग जिलों में कर्फ्यू लगाया और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं। भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि हालात पर काबू पाया जा सके। बुधवार सुबह तक नई हिंसा की कोई खबर नहीं आई, और अधिकारी ने कहा कि कुल मिलाकर स्थिति फिलहाल शांत है।
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने सर्वदलीय बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा की और घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने की बात कही। राजनीतिक दलों ने शांति बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। मई 2023 से मणिपुर में लगातार जातीय हिंसा जारी है। इंफाल घाटी के मैतेई और पहाड़ी इलाकों के कुकी समूहों के बीच हुई हिंसा में अब तक कम से कम 260 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह नया हमला राज्य में पहले से तनावपूर्ण हालात को और भड़का गया है।









