कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार सुबह 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रही किदवई को हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से संबंध रखने वाली मोहसिना किदवई ने भारतीय राजनीति में कई दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई और इंदिरा गांधी एवं राजीव गांधी के नेतृत्व में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
किदवई कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की महासचिव के रूप में काम किया और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) एवं केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की सदस्य रही। इसके अलावा, उन्होंने हज कमेटी की अध्यक्ष के तौर पर भारतीय तीर्थयात्रियों की सुविधा और व्यवस्थाओं की देखरेख की।
लोकसभा में उनकी राजनीतिक यात्रा भी उल्लेखनीय रही। वह उत्तर प्रदेश की मेरठ सीट से छठी, सातवीं और आठवीं लोकसभा की सांसद चुनी गईं। 2004 से 2016 तक उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी सेवा दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल में उन्होंने ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य और मंत्री के रूप में भी उन्होंने राज्य स्तर पर कई योगदान दिए।
पार्टी और सहयोगियों ने किदवई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें जनता के लिए समर्पित नेता के रूप में याद किया। उनके पार्थिव शरीर को आज दोपहर 3 बजे नोएडा स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा के लिए निकाला जाएगा और शाम लगभग 5 बजे निजामुद्दीन कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। किदवई का जीवन और कार्य भारतीय राजनीति में उनकी प्रतिबद्धता और सेवा भावना का प्रतीक रहे।









