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ISI की नई साजिश!: म्यांमार में आतंकी कैंप, तुर्की से भी मिल रहा समर्थन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों के सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। इनके अकाउंट से पता चला कि म्यांमार के ट्रेनिंग कैंपों में “अल्लाह हू अकबर” जैसे नारे लगे और वहां लोगों को भारत विरोधी आतंक गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस नेटवर्क को तुर्की की NIO एजेंसी का भी समर्थन मिल रहा है।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत विरोधी अभियान को सक्रिय कर रही है और विभिन्न देशों में अपने डेस्क बनाकर आतंकी मॉड्यूल तैयार कर रही है। स्थानीय एजेंसियों में घुसपैठ की भी कोशिश की जा रही है। गिरफ्तार व्यक्तियों के मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर इस साजिश को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

ऐसा तरीका पहले श्रीलंका में भी अपनाया गया था, जहां भारतीय एजेंसियों ने इसे पकड़ लिया। इसी तरह बांग्लादेश (ढाका), म्यांमार, नेपाल, रूस और श्रीलंका में ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं या तैयार किए जा रहे हैं। विशेष रूप से बांग्लादेश के ढाका डेस्क के जरिए HuJI और JuMB से जुड़े लोग भारत में घुसपैठ के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।

विदेशियों के असामान्य दौरों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जनवरी में पांच विदेशी नागरिकों ने बांग्लादेश के संवेदनशील सैन्य ठिकानों का दौरा किया। खुफिया जानकारी के अनुसार, म्यांमार और बांग्लादेश के कुछ तत्वों के बीच भारत की मिजोरम सीमा के पास ARSA को सक्रिय करने और समुद्री रास्तों से हथियारों की आपूर्ति की योजना बनाई जा रही है। यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।