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24 साल के पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहजेब भट्टी ने लिया संन्यास,  चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

पाकिस्तान के युवा क्रिकेटर Shahzeb Bhatti ने महज 24 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। सियालकोट के इस खिलाड़ी ने अपने फैसले के पीछे पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ते भ्रष्टाचार, राजनीति और घरेलू ढांचे की कमजोरियों को जिम्मेदार बताया है। उनके इस फैसले से क्रिकेट जगत में हैरानी और चर्चा दोनों देखने को मिल रही हैं।

भट्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी घोषणा करते हुए लिखा कि उनका सपना पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन सिस्टम में राजनीति, भ्रष्टाचार और संरचना की कमी ने उनके करियर को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि Quaid-e-Azam Trophy का फाइनल जीतने के बाद भी उन्हें लगभग 40 मैचों तक बेंच पर बैठाया गया। कायदे-ए-आज़म ट्रॉफी 2024-25 के फाइनल में सियालकोट रीजन की ओर से खेलते हुए भट्टी ने पेशावर रीजन के खिलाफ अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बाद के मैचों में लगातार नजरअंदाज किया गया।

घरेलू क्रिकेट में शाहजेब भट्टी का करियर बेहद छोटा रहा। उन्होंने अब तक दो फर्स्ट क्लास, एक लिस्ट-ए और एक टी20 मैच खेला है, जिसमें कुल मिलाकर कुछ विकेट ही हासिल किए। वहीं उन्हें Pakistan Super League में भी कभी मौका नहीं मिला। उनके इस फैसले ने पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर न मिलना और सिस्टम में राजनीति व भ्रष्टाचार की वजह से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।