मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और बदलते युद्ध के तरीकों के बीच भारत के डिफेंस सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। डिफेंस कंपनी सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड नागपुर में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने जा रही है। इस परियोजना के तहत कंपनी शुरुआती चरण में करीब ₹1800 करोड़ का निवेश करेगी, जबकि अगले 3 से 4 वर्षों में कुल निवेश ₹12,800 करोड़ तक पहुंचने की योजना है। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र सरकार की मेगा प्रोजेक्ट पॉलिसी के तहत अगले 10 वर्षों में पूरी तरह विकसित किया जाएगा।
नई फैक्ट्री में हर साल लगभग 10,000 अलग-अलग प्रकार के ड्रोन तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 1000 रोबोट भी हर साल बनाए जाएंगे, जिन्हें खास तौर पर रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। कंपनी के चेयरमैन सत्यनारायण नवाल के अनुसार भविष्य के युद्धों में टेक्नोलॉजी, खासकर ड्रोन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी डीप-टेक डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर बड़ा दांव लगा रही है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे ड्रोन और मिसाइल सिस्टम तैयार करना है जिनकी रेंज 15 किलोमीटर से लेकर 1000 किलोमीटर तक हो सकती है। साथ ही एआई आधारित गाइडेंस सिस्टम और स्मार्ट ऑटोमेशन का भी उपयोग किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि एक साल के भीतर पहला रोबोट प्रोटोटाइप तैयार कर लिया जाएगा।
यह सुविधा भारत का पहला एआई-आधारित इंडस्ट्री 5.0 मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है। इस परियोजना से न सिर्फ देश की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी, बल्कि सिविलियन और इंडस्ट्रियल सेक्टर को भी नई उन्नत तकनीक का लाभ मिलेगा।









