मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव ने होली के रंग फीके कर दिए। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बाजार खुलते ही करीब ₹9 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।
यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई है। तीन दिनों में निवेशकों की कुल संपत्ति करीब ₹20 लाख करोड़ घट चुकी है।
सेंसेक्स 1,750 अंक टूटा, निफ्टी 500 अंक लुढ़का
- BSE Sensex कारोबार के दौरान 1,795 अंकों तक टूटकर 78,443 के स्तर पर पहुंच गया।
- पिछले सत्र में सेंसेक्स 80,238 पर बंद हुआ था।
- Nifty 50 भी 500 अंकों से ज्यादा फिसलकर 24,315 के निचले स्तर तक आ गया।
सुबह 9:37 बजे तक सेंसेक्स करीब 1,676 अंकों की गिरावट के साथ 78,559 पर और निफ्टी 515 अंकों की कमजोरी के साथ 24,350 पर कारोबार करता दिखा।
गिरावट की बड़ी वजहें
3. US-ईरान तनाव और जंग का खतरा
ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद क्षेत्र में हालात और बिगड़ गए हैं।
- Ali Khamenei की हत्या के बाद तनाव चरम पर है।
- Donald Trump ने संकेत दिया है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जंग की अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बाजार में घबराहट बढ़ी है।
2. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 66 पैसे गिरकर 92.15 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ाता है और कॉरपोरेट मुनाफे पर दबाव डालता है।
3. कच्चा तेल कई महीनों के उच्च स्तर पर
4
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया—
- Brent Crude 82 डॉलर प्रति बैरल के पार
- West Texas Intermediate 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर
माना जा रहा है कि शिपमेंट में रुकावट और सप्लाई की आशंका ने कीमतों में आग लगा दी है।
4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
बढ़ते जोखिम और कमजोर रुपये के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली तेज कर दी है।
- फरवरी में 6,641 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली
- 2 मार्च को 3,295 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए
लगातार आठवें महीने विदेशी निवेशकों की नेट सेलिंग जारी है।
निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट
सोमवार को बाजार बंद होने पर बीएसई का कुल मार्केट कैप 4,56,90,693 करोड़ रुपये था, जो गिरकर 4,48,01,225 करोड़ रुपये रह गया।
इसका सीधा मतलब है कि निवेशकों को एक ही दिन में करीब ₹9 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।









