Delhi

दिल्ली के जल संकट का दीर्घकालिक समाधान: केंद्र ने लखवार, रेणुकाजी और किशाऊ बांधों को दी मंजूरी

दिल्ली के लंबे समय से चले आ रहे जल संकट के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने दशकों से अटकी लखवार, रेणुकाजी और किशाऊ बांध परियोजनाओं को फिर से मंजूरी दे दी है। इन तीनों परियोजनाओं से न केवल दिल्ली की पेयजल समस्या दूर होगी, बल्कि यमुना नदी में पर्यावरणीय प्रवाह यानी ई-फ्लो बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। अनुमान है कि ये तीनों बांध मिलकर कम से कम 25 वर्षों तक दिल्ली की पेयजल जरूरतें पूरी कर सकेंगे। लखवार बांध से लगभग 135 एमजीडी, रेणुकाजी से 275 एमजीडी और किशाऊ परियोजना से 372 एमजीडी पानी मिलने की संभावना है।

फिलहाल दिल्ली में पानी की मांग 1,113 एमजीडी है, जबकि उत्पादन करीब 900 एमजीडी ही है। करीब 10 प्रतिशत आबादी को अब भी पाइप जल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ये तीनों परियोजनाएं ऊपरी यमुना बेसिन में स्थित हैं और मॉनसून के उस पानी को संचित करेंगी, जो अभी तक बिना उपयोग के बह जाता था। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से अगले 5 से 7 वर्षों में पानी की आपूर्ति शुरू हो सकती है। लखवार परियोजना 2031, रेणुकाजी 2032 और किशाऊ बांध 2033 तक पूरी होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली को एक स्थायी जल समाधान मिलने की उम्मीद है।