दिल्ली की बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मिलने वाली मुफ्त यात्रा सुविधा अब पूरी तरह डिजिटल रूप लेने जा रही है। दिल्ली परिवहन निगम जल्द ही नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) की शुरुआत करने वाला है, जिससे मौजूदा पिंक टिकट व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इसके तहत पात्र महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को एक विशेष पिंक स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा, जिसके जरिए वे बिना टिकट लिए सीधे बसों में यात्रा कर सकेंगी।
डीटीसी अधिकारियों के मुताबिक, इस नई व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्ड जारी करने का काम अगले महीने से शुरू हो सकता है। निजी कंपनियां तय केंद्रों पर कार्ड बनाने और वितरित करने की व्यवस्था करेंगी। इस पहल का उद्देश्य बसों में टिकटिंग प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है, क्योंकि अभी रोज़ाना लाखों पिंक टिकट जारी करने में समय और संसाधन खर्च होते हैं।
सरकार केवल महिलाओं तक ही नहीं, बल्कि सभी यात्रियों के लिए स्मार्ट कार्ड सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। कुल तीन तरह के कार्ड लाए जाएंगे। पहला, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए पूरी तरह मुफ्त यात्रा वाला पिंक कार्ड। दूसरा, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र वर्गों के लिए रियायती स्मार्ट कार्ड। तीसरा, आम यात्रियों के लिए जनरल कार्ड, जिसे मेट्रो कार्ड की तरह रिचार्ज कर बसों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
पिंक कार्ड प्राप्त करने के लिए दिल्ली पते वाला आधार कार्ड अनिवार्य होगा, ताकि केवल स्थानीय पात्र लोग ही इस सुविधा का लाभ ले सकें। रियायती और सामान्य कार्ड मामूली शुल्क पर जारी किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को सरकार भुगतान करेगी और यात्रियों पर किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ की योजना नहीं है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद एक ही कार्ड से अलग-अलग परिवहन सेवाओं का उपयोग संभव होगा, जिससे दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पहले से कहीं अधिक आधुनिक और आसान बन सकेगी।









