अमेरिका द्वारा किए गए बड़े सैन्य अभियान के बाद वेनेजुएला की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मादुरो की गैरमौजूदगी में शासन व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुचारु बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति की अनुपस्थिति से जुड़े संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि डेल्सी रोड्रीगेज को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई जा चुकी है, लेकिन इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया। खुद डेल्सी रोड्रीगेज ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि निकोलस मादुरो ही वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति हैं और उन्हें किसी तरह की शपथ नहीं दिलाई गई है।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी की तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वे हिरासत में दिखाई दे रहे हैं। दोनों को पहले अमेरिकी युद्धपोत और फिर अमेरिका ले जाया गया, जहां न्यूयॉर्क में उन पर मुकदमा चलाने की तैयारी है। डेल्सी रोड्रीगेज वेनेजुएला की सत्तारूढ़ समाजवादी सरकार की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वे पहले उपराष्ट्रपति, वित्त मंत्री और तेल मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुकी हैं और मादुरो की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं।









