पाकिस्तान के लाहौर में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण लाहौर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। वहीं, फ़ैसलाबाद अब भी पाकिस्तान का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, फ़ैसलाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 571 तक पहुँच गया, जबकि गुजरांवाला 570 के स्तर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। लाहौर का AQI 396 दर्ज किया गया, वहीं मुल्तान 257 के साथ अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।
पिछले साल की तरह इस वर्ष भी पाकिस्तान के पंजाब में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण ने गंभीर स्थिति पैदा की है। बढ़ती ठंड के साथ जहरीली हवा ने लोगों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लाहौर की वायु गुणवत्ता उस मानक से 80 गुना अधिक प्रदूषित है जो किसी स्वच्छ शहर के लिए निर्धारित है। इस कारण पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षा उपायों के तहत स्कूल बंद कर दिए हैं और बाजारों व व्यवसायों के समय में भी कटौती की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लाहौर में प्रदूषण बढ़ने में कई कारण शामिल हैं। हरित क्षेत्रों का कटाव, कृषि भूमि की जगह कंक्रीट के ढांचे, फसल जलाना और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन की कमी ने वायु प्रदूषण को और गंभीर बना दिया है। इसके अलावा, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआँ, तापीय ऊर्जा उत्पादन और कचरे का जलाना भी प्रदूषण के मुख्य कारण हैं।
अधिकारियों ने लोगों को घरों के अंदर रहने, मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर प्रदूषण नियंत्रित नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ सकते हैं। लाहौर और पंजाब के अन्य शहरों के लिए यह गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिसे तत्काल प्रभावी कदमों के बिना कम करना मुश्किल होगा।









