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जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान में महिला ब्रिगेड लॉन्च कर फिर से सक्रियता दिखाई

पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद संगठन फिर से सक्रिय हो गया है और उसने अपनी पहली महिला ब्रिगेड ‘जमात-उल-मोमिनात’ शुरू की है. आठ अक्टूबर से भर्ती शुरू हुई. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के पंजाब स्थित बहावलपुर में जैश के मुख्य ठिकाने को नष्ट कर दिया था। इसके बाद संगठन पाकिस्तानी सेना की मदद से दोबारा संगठित हो रहा है.

सूत्रों के अनुसार, पंजाब और सिंध प्रांत से लगभग 1,500 नए आतंकियों ने जैश में भर्ती ली है, और मदरसों तथा मस्जिदों से करीब 100 करोड़ रुपये का चंदा जुटाया गया है. जैश ने अपने तबाह हुए कैंपों की मरम्मत और नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए यह फंड इकट्ठा किया है.

संगठन अगले महीने पाकिस्तानी शहरों में 100 से अधिक मरकज सम्मेलन आयोजित करेगा, जिनका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ना है. जैश चीफ मसूद अजहर की बहनें सादिया और सुमैरा ऑनलाइन 40 मिनट की ट्रेनिंग देंगी. इसके लिए महिलाओं से 500 रुपये फीस ली जा रही है.

जैश पीओके में भी अपने नेटवर्क को बढ़ा रहा है. मुजफ्फराबाद, कोटली, रावलकोट और मीरपुर में संगठन ने लॉन्चपैड बनाए हैं. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था, जिनमें मसूद अजहर के 10 करीबी भी शामिल थे. इन घटनाओं के बावजूद जैश अब महिला और ऑनलाइन ट्रेनिंग के जरिए अपने आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.