वॉशिंगटन। अमेरिका ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर सख्त प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, ये कदम रूस की ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ाने और क्रेमलिन की युद्ध मशीन के लिए राजस्व जुटाने की क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हर बार जब मैं पुतिन से बात करता हूं, बातचीत अच्छी होती है लेकिन आगे नहीं बढ़ती। वे शांति को लेकर गंभीर नहीं हैं।” उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर वे राष्ट्रपति रहते, तो यह युद्ध कभी शुरू नहीं होता।
हाल ही में ट्रंप ने पुतिन से बुडापेस्ट में मिलने की योजना बनाई थी, लेकिन अब व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि यह बैठक रद्द कर दी गई है। साथ ही, अमेरिकी और रूसी विदेश मंत्रियों की आमने-सामने की प्रारंभिक बातचीत की योजना भी रद्द कर दी गई है।
रूस ने अमेरिका के इन प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि इससे विकासशील देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ेगा। हालांकि, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। ट्रंप के इस ऐलान के ठीक पहले रूस ने यूक्रेन में भीषण बमबारी की, जिसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हुई।









