भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को श्रीलंका के लिए दो दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत की है। यह दौरा भारत की “पड़ोसी पहले” नीति और “विजन महासागर” ढांचे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है। यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल हैं। इसके अलावा वे श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
उपराष्ट्रपति भारत द्वारा संचालित आवास परियोजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे। अब तक इस योजना के तहत लगभग 4,000 घरों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 10,000 से अधिक घरों का निर्माण कार्य जारी है। यह परियोजना श्रीलंका में भारतीय सहयोग की एक प्रमुख मिसाल मानी जा रही है। दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति के नुवारा एलिया में चाय उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करने और स्थानीय समुदायों से सीधे संवाद करने की भी संभावना है। विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका को भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया है।यह दौरा भारत-श्रीलंका संबंधों में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।









