मंगलवार सुबह उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डरा दिया। मणिपुर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई, जिसका केंद्र कामजोंग जिले में स्थित था। झटके सुबह करीब 5:59 बजे महसूस किए गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र अक्षांश 24.703 उत्तर और देशांतर 94.415 पूर्व पर था। इसकी गहराई लगभग 62 किलोमीटर दर्ज की गई। गहरे केंद्र के बावजूद झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसका असर मणिपुर के साथ-साथ असम और नागालैंड के कई हिस्सों में भी महसूस किया गया।
भूकंप आते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। सोमवार रात उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में 3.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, इसी दौरान जापान में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसके बाद समुद्र में लगभग 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी जैसी लहरें उठीं और तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया।
उत्तर-पूर्व भारत में आए इस भूकंप ने एक बार फिर लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की याद दिला दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां अक्सर देखी जाती हैं, इसलिए सावधानी और जागरूकता बेहद जरूरी है।









