पंजाब सरकार ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-G RAM G) योजना को राज्य में लागू करने का फैसला लिया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और यह नई योजना 1 जुलाई से प्रभावी होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पंजाब विधानसभा ने इस कानून का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया था।
नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। यह व्यवस्था केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के तहत की गई है, जिसे ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इससे पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाता था।
केंद्र सरकार ने MGNREGA की जगह नया VB-G RAM G अधिनियम लागू किया है। यह विधेयक पिछले वर्ष दिसंबर में संसद से पारित हुआ था और बाद में राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून बन गया। हालांकि, पंजाब समेत कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों ने इस कानून का विरोध करते हुए MGNREGA को फिर से लागू करने की मांग की थी। पंजाब सरकार का कहना था कि नया कानून गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति समुदायों और ग्रामीण मजदूरों के हितों को प्रभावित कर सकता है।
वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा बदलाव बताया है। उनके अनुसार, इससे रोजगार के साथ-साथ जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, पुल, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण को भी गति मिलेगी। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया है। साथ ही MGNREGA के लिए पहले से जारी 30,000 करोड़ रुपये को जोड़कर कुल आवंटन 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजना के लागू होने के दौरान किसी भी मजदूर के रोजगार, मजदूरी भुगतान या कानूनी अधिकारों में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।


