पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले परिसर के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में नाकाम रही है, इसलिए संबंधित विभागों के मंत्रियों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर मजबूती से उठाएगी तथा सरकार से जवाब मांगेगी।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह पेपर लीक का मामला ही नहीं है। ये पेपर में नकल का मामला है। उनके अनुसार एक संगठित गिरोह विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर भेजकर परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचा रहा था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पुलिस ने समय रहते इस नेटवर्क का पर्दाफाश कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मामले को पेपर लीक बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।


