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‘वंदे मातरम्’ को मिला कानूनी संरक्षण, अपमान और गायन में बाधा डालना अब अपराध

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को अब कानूनी संरक्षण मिल गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार, 11 अगस्त को ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यह विधेयक कानून बन गया है।

नए कानून के तहत किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकना या इसके गायन के दौरान किसी सभा में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा। सरकार के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के सम्मान और गरिमा को सुनिश्चित करना है।

यह विधेयक पहले राज्यसभा में 29 जुलाई और लोकसभा में 30 जुलाई को पारित हुआ था। अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद इसके प्रावधान लागू हो गए हैं। इससे पहले राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने के खिलाफ प्रावधान थे, लेकिन राष्ट्रीय गीत के लिए स्पष्ट कानूनी सुरक्षा नहीं थी।

इस बीच, केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर भी अहम निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा।सरकार ने राष्ट्रगीत के लिए प्रोटोकॉल भी तय किया है। आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके छह पद गाए जाएंगे और राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान दोनों होने पर पहले ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया जाएगा। राष्ट्रगीत के दौरान उपस्थित लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े रहने का निर्देश दिया गया है।