National Uttar Pradesh

बांके बिहारी मंदिर के दान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एक-एक पैसा मंदिर के खजाने में जमा करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मंदिर को मिलने वाला हर तरह का दान, चाहे वह दानपात्र के माध्यम से मिले या ऑनलाइन प्राप्त हो, सीधे मंदिर के खजाने में जमा होना चाहिए। अदालत ने कहा कि दान की रकम के संग्रह में सेवायत या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से किसी भी तरह की बाधा को गंभीरता से लिया जाएगा। अदालत ने मंदिर के प्रबंधन की निगरानी कर रही समिति को दान की रकम के प्रबंधन के लिए पारदर्शी व्यवस्था तैयार करने का निर्देश भी दिया। यह आदेश मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं और दान की रकम के कथित गबन से जुड़े आरोपों की सुनवाई के दौरान आया।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एनके गोस्वामी ने मंदिर के फंड में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने करोड़ों रुपये के कथित गबन के आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर में आने वाली दान राशि के इस्तेमाल और जमा होने की प्रक्रिया में किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने हाई-पावर्ड कमेटी की स्टेटस रिपोर्ट अदालत के सामने रखी। उन्होंने कुछ तस्वीरें और एक वीडियो का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक, वीडियो में तीन लोग दानपात्र के पास खड़े होकर श्रद्धालुओं से पैसे लेते और उन्हें पॉलीथीन की थैलियों में रखते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताई। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंदिर की दान व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया।